जवन दाहर भोगके आएल हए, एकर प्रस्तावके संसदमे वास्ता नभेल : प्रभु साह
न्यूज ब्यूरो, काठमाडौं (बज्जिका) । सत्तारुढ दल नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) प्रदेश २ के अध्यक्ष औरी रौतहट क्षेत्र नं. ३ के प्रतिनिधिसभा सांसद औरी पुर्व मन्त्री प्रभु साह करिब दुई हपता आगारु आएल मेघ के कारण दाहर प्रभावित क्षेत्र के सांसदसब दर्ता करएले सार्वजनिक महत्त्व के प्रस्ताव मे लफल न भेल कहइ

२०७६ साउन ८ बुधबार, बेलुकी ६:४८ बजे२ मिनेट पढाइ

न्यूज ब्यूरो, काठमाडौं (बज्जिका) । सत्तारुढ दल नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) प्रदेश २ के अध्यक्ष औरी रौतहट क्षेत्र नं. ३ के प्रतिनिधिसभा सांसद औरी पुर्व मन्त्री प्रभु साह करिब दुई हपता आगारु आएल मेघ के कारण दाहर प्रभावित क्षेत्र के सांसदसब दर्ता करएले सार्वजनिक महत्त्व के प्रस्ताव मे लफल न भेल कहइत घोर आपत्ति जनएले हए । आजु मिती २०७६ साल श्रावन ८ गते बुधबारके दिन प्रतिनिधिसभा के बैठक मे बोलइत सांसद प्रभु साह घोर आपत्ति जनएले छत ।
नेपालके राजधानी के ‘काठमाडौं मे एगो महल मे एसीमे बइठके अविरल मेघके कारण देश अस्तव्यस्त हए । सयौं जनाके ज्यान भेल हए । कहइत हजारौं हजार विस्थापित भेल हए औरी आवतजावतसहित सब पूर्वाधार ठप्प भेल स्थितिमे लिखल प्रस्ताव उपर छलफल होएके ? हम औरी कांग्रेस के सांसद अमरेशकुमार सिंह औरुइ सपाका नेता मा । उमाशंकर अरगरिया जवन प्रभावित क्षेत्रके सांसद छी । हमनी सब दर्ता करएले प्रस्ताव मे छलफल न होएके ?’, हुन कहलन , ‘हम सभामुख सङे पुचेके चाहइ छी । हम सब मिलके दर्ता करएले रही । तब कांग्रेस सत्तापक्ष औरी प्रतिपक्ष कहके भाडले हए । आजु न्याय हारल हए । कांग्रेस के हठ जितेल हए । हमनी पीडित सब न्याय न मिलेके ?’
हुन बाढीपीडित हमनीसब सदनसे भि अपमानित भेल बतएलअन । ‘हम सब दाहर से पीडित रही । आजु भि सदनमे पीडित भेल छी ’, हुन कहलन , ‘जवन भोगके आएल हए । एकर प्रस्ताव मे छलफल न होए के ? दाहर देखेके मज्जा लेवेबाला के प्रस्ताव मे छलफल करेके ?’ सभामुख कृसना बहादुर महरा से प्रश्न समेत । गुनासो सान्सद प्रभु साह कएले छत । कांग्रेस के विगत से सिक्ल पीडित के साथमे आवेके आग्रह कएले हए । ‘पीडित उपर राजनीतिक हाटावेला’, हुन कहाँलन ।
पानी अभी भि न रोकल कहइत सांसद साह पीडित के लेल अस्थायी आवास, खाद्यान्न के व्यवस्था करेके औरी अवरुद्ध सडक, विजुली, संचार, खानेपानी तत्काल सुचारु करेके सरकार सङे माग कएले हए । नोकसान मे माछापालन, कुखुरा पालन, इट्टाभट्टालगायत व्यवसाय नष्ट होएल अर्बौं के क्षति भेल उल्लेख करइत हुन दाहर औरी डुबान के दीर्घकालीन समाधान करेके ध्यानाकर्षण करएले हए ।
तराई के मुख्य १० गो नदी मे चुरे क्षेत्र से लेके भारतीय सीमातक मजबुत तटबन्ध निर्माण कर के मुलुक के समृद्धि के बाटोमे लेजाके हुनकर जोड हए । नदी के बढ्ल सतह औरी चुरे क्षेत्रमे व्याप्त भूक्षय रोकेके औरी पानी के बहाव रोकेके औरी जग्गा अतिक्रमण बन्द करावेके सरकार सङे हुन कर माग हए ।
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