"नेपाली साम्राज्य की तत्कालीन षड़यंत्र"
सिरहा और सप्तरी के चुरे क्षेत्र में विपलव द्वारा शैन्य तालिम दिये जाने की खबर को बहुत पत्रिकाओं ने जोरों-सोरों से छापा हैं | साथ हि एके फोर्टी सेवेन और मिनि मसिनगंज जैसे अत्याधुनिक हथियारों का आयात की खबर को भी पुष्टि की हैं | ऐसे में सरकार मौन क्यों हैं कहके सबाल भी किया हैं किंतु इस में मधेशीयों क

२०७५ जेठ ७ सोमबार, बिहान १०:३१ बजे२ मिनेट पढाइ

सिरहा और सप्तरी के चुरे क्षेत्र में विपलव द्वारा शैन्य तालिम दिये जाने की खबर को बहुत पत्रिकाओं ने जोरों-सोरों से छापा हैं | साथ हि एके फोर्टी सेवेन और मिनि मसिनगंज जैसे अत्याधुनिक हथियारों का आयात की खबर को भी पुष्टि की हैं | ऐसे में सरकार मौन क्यों हैं कहके सबाल भी किया हैं किंतु इस में मधेशीयों के ऊपर हो रहें घोर षड़यन्त्र को वे लोग विश्लेषण नहीं किए | करते भी कैसे आखिर नश्लवाद मिडिया जो ठहरे | ऐसे में एक सचेत मधेशी युवा होने के नाते इस षड़यन्त्र को पर्दाफाश करना मेरा कर्तव्य बनता हैं |
दश किलो चिनि और पाँच लिटर मिट्टीतेल लाने पर भी रोक लगाने वालें पुलिसकर्मी इतने बड़े हथियारों की आयात को भाफ न पाया हो कहना सर्वथा अनुपयुक्त होगा | यह सोचि समझी बनाई गई योजना हैं जिसे निकट भविष्य में मधेशीयों की जातीय नरसंहार और विस्थापित किया जा सके |
मधेशी वाहुल्य क्षेत्र सिरहा, सप्तरी में हिंसात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहन देकर मधेशी युवाओं को उसमें लगने के लिए प्रेरित किया जा सके और बहुत जल्द बिना कोई अनुसंधान उन्हें इन्काउन्टर के नाम पर गैर-न्यायिक हत्या कर सकें चाहे वे उसे संबंधित हो या नहीं की योजना के तहद सरकार और पुलिसकर्मी तत्काल मौन हैं | जैसे की विगत में जनयुद्ध ताका मधेशीयों की नरसंहार हुआ था बिलकुल वैसे हि रणनीति हैं क्यों की दो नंबर प्रदेश में अभी भी मधेशी वाहुल्य जिलाए हैं और दुसरे जिला के तुलना में यहाँ भूमि अतिक्रमण करना मुश्किल हैं |
सशस्त्र गतिविधियों के नाम पर मधेशीयों को मानसिक यातना देकर उन्हें विस्थापित करने की घोर षड़यंत्र हैं जैसे की टिकापुर घटना में किया गया | आखिर विपलव कौन हैं? वह भी तो शासक वर्ग के हि एक सदस्य हैं; केबल एक सदस्य जो हर हाल में स्वतंत्र मधेश की आवाज को हमेशा के लिए दबाना चाहते हैं, अपनी नश्लो की प्रतिद्वंद्विता को समाप्त करना चाहते हैं | जब यह षड़यन्त्र एकसन में आएगी तो ऐसा नहीं हैं की केबल राजनितिक पृष्ठभूमि के मधेशीयों को टार्गेट किया जाएगा अपितु हर मधेशी को टार्गेट किया जाएगा जैसे की जनयुद्ध ताका किया गया था |
इस घोर षड़यन्त्र को परखते हुए मधेशी जनता से अनुरोध हैं की ऐसे सशस्त्र गतिविधियों में न लगें एवं आजादी आन्दोलन के लिए तैयार रहें क्यों की यही एक विकल्प हैं नहीं तो ऐसे हि षड़यन्त्रो के तहद वे लोग मधेशी नस्ल को समाप्त करने में लगें रहेंगे और वक्त रहते हि अगर मधेशी जनता समझ नहीं पाए तो फिर वहीं होगा जो वर्मा में रोहिंगया के साथ हुआ |
रामेश्वर प्रसाद सिंह (रमेश)
गोलबजार-13, सिरहा (मधेश)
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